दोस्तो इस पोस्ट के जरिये हम शब्दकोश के Personal मीनिंग पर चर्चा आज यहाँ करेंगे, इसके अंतर्गत सभी छोटे तथा विस्तार मीनिंग को समाज के भिन्न पहलुओ के अंतर्गत समझाने की कोशिश करेंगे। बस आपको इस पोस्ट को आखिर तक एक बार अच्छी तरह से समझकर रीड कर लेना है ताकि जो भी नीचे बताया गया वो सब कुछ आपके दिमाग मे अच्छे से बैठ सके। साथ ही हमने सकारात्मक तथा नकारात्मक पहलुओ को भी दर्शाया जो अगले स्तर पर अधिक सपोर्ट करेंगे। चलिये अब जल्दी से आगे बड़कर चर्चा करते है। 

Personal Full Definition in Hindi with Examples :


Personal in Hindi : 

निजी, 
जातीय, 
शारीरिक,

इस आर्टिक्ल मे ऊपर दिये प्रत्येक अर्थ को अपनी जरूरत के चलते अनेक स्थान पर उपयोग कर तो लिया ही होगा। हमारे द्वारा ये भी देखने मे आया कि कुछ लोग इन्हे जितनी आसानी से याद कर पाते है उतनी ही सरलता से भूल भी जाते है हालाकि ये समस्या आपके साथ भी हुयी होगी क्योकि हर एक व्यक्ति के दिमाग की संरचना एक जैसी ही होती है। ये अर्थ छोटे होने से इनके पीछे स्टोरी को समझना दिमाग के लिए मुश्किल हो जाता है। अब आगे पोस्ट को पूरा रीड करते हुये आपके कान्सैप्ट ठीक करते है। 
 

What is the Definition of Personal in Hindi with Details : 


प्रत्येक अर्थ को जल्दी से समझे - 

- निजी, इस वर्ड को आप सभी करीब से अनुभव कर ही चूके होंगे क्योकि यह हर के साथ निजी रूपो मे देखने को मिलता है। हम सभी इंसान है ऑर हर एक के साथ कुछ आंतरिक बाते जुड़ी रहती है जिन्हे वाकि लोगो ऑर यहाँ तक कि परिवार के लोगो को नही बताया जाता है। 

ये बाते खासकर खुद तक ही रखना उचित माना जा सकता है। उदाहरण के लिए समाज मे किसी परिवार के अंदर कुछ घटना ऐसी हो जाती है जिन्हे बाहर के लोगो तक पहुँचने से रोका जाता है। आप न्यूज़पेपर या टीवी पर कुछ हद तक देखे होंगे। 

- जातीय, हमने कई बार इस मुद्दे पर बाते की है जो कि हमारे पुराने आर्टिक्ल मे पढ़ने को मिल सकती है। देश मे भिन्न तरह के धर्म को मानने बाले लोग निवास करते है क्योकि इन्हे बनाने के पीछे अपनी एकता को कायम रखना भी होता है। यहाँ मौजूद प्रत्येक व्यक्ति किसी ना किसी धर्म से जुड़ा अवश्य होता है हालाकि अनेकों प्रथाए भी इसी के अंतर्गत देखी जा सकती है। इनमे अंदर बहुत से छोटे - छोटे गुट भी बने होते है। आगे उपयोग बाले बिन्दुओ को भी पढ़े। 

- शारीरिक, इस अर्थ को सीधे ही मानव शरीर की ओर इशारा करते देखते है। हमारा जन्म इंसान के रूप मे इस धरती पर हुआ, इस शरीर मे अनेकों भावनाए डाली गयी जो समय तथा स्थिति के चलते कभी - कभी सामने निकलकर आ जाती है। हालाकि ये आदते ऑर चाहते भिन्न स्तर पर कम या ज्यादा हो सकती है परंतु होती जरूर है। उदाहरण के तौर पर शरीर अच्छा होना, इस पर चोट लगना, किसी से प्यार होना तथा साथ जीवन जीना भी इसके अनुभव कराता है। 

सभी अर्थ के प्रभाव नीचे से पढ़े -   

- निजी, जैसा कि ऊपर बताया यह लोगो के आंतरिक चीजों ऑर कार्यो से जुड़ी होती है जिसे बाहरी रूप मे किसी को नही बताया जाता है। सभी के निजी जीवन मे कुछ घटनाए ऐसी होती है जो निजी रखकर समाज मे किसी को नही बताई जाती है। इनका निजी होना ही अच्छे परिणाम व्यक्त करता है जो कि एक सही सांसारिक रिस्तों को बनाए रखने मे भी मददगार शावित होता है। बाहर पता लगने पर इनका उल्टा असर भी देखने को मिलता है। 

- जातीय, इसे हम समाज के स्तर पर भिन्न जाति धर्मो को लेकर समझ सकते है। भारत की बात करे तब अनेकों धर्म के लोग यहाँ रहते है जो अपने - अपने क्षेत्र मे रहते है। यदि इनके बीच सब कुछ अच्छा चले ऑर भाईचारा बना रहे तो समाज की प्रगति निश्चित तौर पर अच्छी होगी। लेकिन कुछ बातों या नियमो के कारण आपस मे लड़ाई भी हो जाती है जो परिवार ऑर देश के लिए नकारात्मक स्थिति को दर्शाते है। अनगिनत उदाहरण आप चारो ओर देख ही सकते है। 

मौजूद अर्थ के उपयोग जाने - 

- निजी, यह केवल निजी लाइफ से संबन्धित देख सकते है। 

- जातीय, इसे हम समाज के जातिगत रूपो मे लेकर समझते है। 

- शारीरिक, इसे केवल शरीर के साथ जोड़कर अनुभव करते है। 

मुझे उम्मीद है आपको यह आर्टिक्ल से काफी फायदा मिला होगा। यदि अच्छी जानकारी मिली तो जल्दी से कमेंट के जरिये अपने अनुभव हमे अवश्य बताए ताकि नए बदलाब के साथ फिर पोस्ट लेकर आए। अपने दोस्तो को बताए तथा ऑर हमारे साथ जुडने के लिए कहे ताकि आगे लगातार पोस्ट पढ़ सके। तो चलो फिर नए ब्लॉग पोस्ट के साथ मिलेंगे।  

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